Showing posts with label दादाभाई नौरोजी का जीवन परिचय. Show all posts
Showing posts with label दादाभाई नौरोजी का जीवन परिचय. Show all posts

Saturday, 10 October 2020

दादाभाई नौरोजी का जीवन परिचय


दादा भाई नौरोजी

जन्म :  4 सितंबर 1825 को मुंबई में एक गरीब पारसी परिवार में हुआ था।

दादा भाई नौरोजी का जन्म 4 सितंबर 1825 को मुंबई में एक गरीब पारसी परिवार में हुआ था। जब वह 4 साल के थे तब उनके पिता नौरोजी पलंजी दोर्दी का देहांत हो गया था। उनकी माता का नाम माणिकबाई था। पिता की मृत्यु के बाद दादा भाई के परिवार को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा।

इनकी माता जी अनपढ़ थी लेकिन उन्होंने अपने बेटे को अंग्रेजी शिक्षा प्रदान की। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा “नेटिव एजुकेशन सोसाइटी स्कूल” से प्राप्त की। दादा भाई अंग्रेजी और गणित विषय में बहुत तेज थे। 15 वर्ष की आयु में उनको क्लेयरस स्कॉलरशिप मिली थी।


उसके बाद “एलफिंस्टन इंस्टीट्यूट मुंबई” से पढ़ाई उच्च शिक्षा प्राप्त की और यहीं पर उन्हें गणित और फिलासफी का प्रोफेसर बना दिया गया। किसी कॉलेज में प्रोफेसर बनने वाले वे पहले भारतीय थे।

विवाह

दादा भाई की शादी 11 वर्ष की उम्र में गुलबाई से हो गई थी जिनकी उम्र 7 साल थी। इस समय भारत में बाल विवाह हुआ करता था। दादा भाई की तीन संताने थी।

कपास का व्यवसाय स्थापित किया

1855 में उन्होंने “कामा एंड कंपनी” में सहयोगी बनने के लिए लंदन की यात्रा की। वहां भारतीय कंपनी स्थापित की। लेकिन 3 साल बाद दादा भाई ने इस्तीफा दे दिया। 1859 में उन्होंने स्वयं की “दादा भाई नौरोजी एंड कंपनी” के नाम से कपास कंपनी स्थापित की।

सम्मान

दादा भाई नौरोजी की याद में “दादा भाई नौरोजी रोड” बनाई गई है। उन्हें भारत के “ग्रैंड ओल्ड मैन” के रूप में भी जाना जाता है।

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान

दादा भाई नौरोजी भारत को अंग्रेजों से आजाद करवाना चाहते थे। जब वे इंग्लैंड में रह रहे थे उन्होंने भारत की बुरी स्थिति दर्शाने के लिए अनेक भाषण दिए, बहुत सारे लेख लिखें। 1 दिसंबर 1866  को “इंडियन एसोसिएशन” की स्थापना की। इस संघ में भारत के उच्च अधिकारी और ब्रिटिश सांसद शामिल थे।

1892 में दादा भाई ने लंदन के आम चुनाव के दौरान लिबरल पार्टी के उम्मीदवार चुने गए। वह पहले ब्रिटिश भारतीय एम पी भी बने। भारत और इंग्लैंड मे ICS परीक्षाओं के लिए ब्रिटिश संसद में एक बिल भी पारित कराया था। भारत और इंग्लैंड के बीच प्रशासनिक और सैन्य खर्च के वितरण के लिए “विले आयोग” और “रॉयल कमीशन” बनाया था।

उन्होंने ब्रिटिश सरकार के सामने “ड्रेन थ्योरी” प्रस्तुत की जिसमें उन्होंने बताया कि अंग्रेजों का शासन धीरे धीरे भारत को गरीब बना रहा है। शोषण भरी नीति के कारण भारत धीरे धीरे निर्धन और गरीब बनता जा रहा है। उनका यह मानना था कि भारतवासी बहुत ही अज्ञान है। बाहरी चीजों पर ध्यान नहीं देते।

मृत्यु

दादा भाई नौरोजी का देहांत 30 जून 1917 को हुआ था।

Privacy Policy for ccc app

  Privacy Policy Ranjit Dagar built the CCC Preparation Book in hindi app as a Free app. This SERVICE is provided by Ranjit Dagar at no cost...